Delhi-Mumbai Expressway : मध्य प्रदेश में ट्रैफिक शुरू, एक किलोमीटर कार चलाने के लिए देने होंगे कितने रुपये

नई दिल्‍ली. देश के सबसे लंबे एक्‍सप्रेसवे, दिल्‍ली-मुंबई एक्‍सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) का काम जोर-शोर से चल रहा है. नई दिल्‍ली से राजस्‍थान के दौसा तक इस एक्‍सप्रेसवे को पहले ही यातायात के लिए खोल दिया गया था. अब मध्‍यप्रदेश के हिस्‍से पर भी यातायात चालू हो गया है. एक्सप्रेसवे पांच राज्यों- हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगा. 1,386 किलोमीटर लंबे इस एक्‍सप्रेसवे का 245 किलोमीटर हिस्‍सा मध्‍यप्रदेश में भी पड़ता है. अब इस हिस्‍से पर भी वाहन दौड़ने लगे हैं. दिल्ली– मुंबई एक्सप्रेस-वे मध्य प्रदेश के 3 जिलों से होकर गुजर रहा है जिसमें झाबुआ, रतलाम और मन्दसौर शामिल है.

मध्‍यप्रदेश में एक्‍सप्रेसवे के शुरू होने से वाहन चालकों को काफी सुविधा होगी. 8 लेन के इस एक्‍सप्रेसवे पर आप 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से कार दौड़ा सकते हैं. लेकिन, यहां यह जान लेना जरूरी है कि एक्‍सप्रेसवे पर 5 प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है. एक्‍सप्रेसवे पर ट्रैक्टर, बाइक, भूसे से भरे वाहन, हार्वेस्टर और ऑटो को ले जाना मना है.

कितना देना होगा टोल?
दिल्‍ली-मुंबई एक्‍सप्रेसवे के मध्‍यप्रदेश खंड पर अभी टोल कलेक्‍शन शुरू नहीं हुआ है. NHAI के अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेस-वे में टोल दर लागत पर आधारित होगी. जिस खंड में पुल – पुलिया और इंटरचेंज अधिक होंगे वहां ज्यादा टोल देना होगा. कार-जीप जैसे छोटे वाहनों के लिए टोल की दर 2 से ढाई रुपए प्रति किलोमीटर होने का अनुमान लगाया जा रहा है. वहीं, बस-ट्रक जैसे बड़े यात्री वाहनों के लिए 7 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से टोल वसूला जा सकता है.

जैसे ही इंटरचेंज प्‍वॉइंट पर वाहनों की एंट्री होगी, वैसे ही स्कैनर गाड़ी का फास्टैग स्कैन कर अगले सभी प्‍वॉइंट पर भेज देगा और वाहन जैसे ही एग्जिट होने के लिए टोल प्‍वॉइंट पर पहुंचेंगे, वहां ऑटोमेटिक गाड़ी की तय की गई दूरी के हिसाब से टोल टैक्स फास्‍टैग अकाउंट से कट जाएगा.

टंकी फुल कराकर ही जाएं
भारतमाला परियोजना के अंतर्गत निर्मित हो रहे दिल्ली – मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे की अधिकृत शुरुआत मध्य प्रदेश में 20 सितम्बर से शुरू तो हो गई है, लेकिन अभी एक्‍सप्रेसवे पर सभी सुविधाएं विकसित नहीं हुई हैं. अगर आप दिल्ली – मुम्बई एक्सप्रेस-वे पर रफ्तार भरने की सोच रहे हैं तो अपनी गाड़ी में खाने-पीने की चीजें रख लें और गाड़ी में पर्याप्‍त ईंधन भी भरवा लें. ऐसा इसलिए है, क्‍योंकि अभी एक्‍सप्रेसवे पर न होटल-ढाबे बने हैं और न ही पेट्रोल पंप लगे हैं.

कब तक पूरा होगा एक्‍सप्रेसवे?
दिल्‍ली-मुंबई एक्‍सप्रेस की नींव साल 2019 में रखी गई थी. 8 लेन के इस एक्‍सप्रेसवे को आधुनिक तकनीक से बनाया जा रहा है. इस एक्‍सप्रेसवे के दोनों तरफ जाली लगाई जा रही है, ताकि कोई जानवर इत्‍यादि सड़क पर न आ पाए. जर्मन तकनीक से बनी सड़क पर तेज गति से गाड़ी चलाने पर भी झटका महसूस नहीं होगा. दिल्‍ली-मुंबई एक्‍सप्रेसवे दिसंबर 2024 तक (Delhi-Mumbai Expressway completion date) बनकर तैयार हो जाने की उम्‍मीद है

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