ये है ‘जीवन’ का पेड़, हजारों सालों तक रहता है जिंदा, लाखों साल पुराना है इतिहास

पौराणिक लोक कथाओं में आपने अमृत के बारे में सुना होगा. इस अमृत से इंसान की जिंदगी के साल बढ़ जाते हैं. इंसान अगर अमर होना चाहता तो भगवान से अमृत मांगता था. कलियुग में ऐसे अमृत की मात्र कल्पना की जा सकती है. आज के समय में तो अमृत की मात्र कल्पना की जा सकती है. लेकिन आज हम आपको एक ऐसे पेड़ के बारे में बताने जा रहे हैं, जो अमरता का पेड़ कहलाता है. ये पेड़ अफ्रीका में पाया जाता है. अब यहां से फैलते हुए उसने कई अन्य देशों में भी अपनी जगह बना ली है.

इस पेड़ का नाम है बाओबाब (Baobabs). ये बाद हजारों साल तक जिंदा रहते हैं. इन्होने खुद को प्रकृति में ऐसे ढाल लिया है कि गर्मी हो चाहे कड़ाके की ठंड, ये कहीं भी फैलने लगते हैं. खासकर अफ्रीका और मेडागास्कर एरिया में ये पेड़ काफी विशाल बन जाते हैं. ये पेड़ पानी को सोंख कर उसे अपने तने में स्टोर करते हैं. बारिश के मौसम में ये पेड़ पानी को सोख लेते हैं और में जमा कर लेते हैं. सुखाड़ पड़ने पर इसी पानी का इस्तेमाल किया जाता है.

कई कामों में होता है इस्तेमाल
ये एक ऐसा पेड़ है जिसका उपयोग तीन सौ से अधिक कामों में होता है. इसके फल और तने से लेकर इसकी जड़ें भी काफी उपयोगी हैं. इस वजह से ही इसका नाम जीवन देने वाला पेड़ रखा गया है. इसके अलावा इसे अमरता का पेड़ भी कहा जाता है. बात अगर इसके अस्तित्व की करें तो ये पेड़ आज से दो हजार मिलियन साल पुराना बताया जा रहा है. कुछ यूरोपीय एक्सप्लोरर्स का कहना है कि ये पेड़ पांच हजार साल तक जिंदा रहते हैं. वहीं कुछ इसकी अवधी तीन हजार साल बताते हैं.

बेहद विशाल हैं ये पेड़
बाओबाब के पेड़ काफी बड़े होते हैं. कुछ पेड़ तो सौ फ़ीट तक की लंबाई खींचते हैं. ये इतने बड़े होते हैं कि इसके छांव में कई जीव अपना घर बना लेते हैं. बाओबाब पेड़ अफ्रीका के इकोसिस्टम के लिए भी काफी जरुरी हैं. ये मिट्टी को नर्म रखने, सॉइल इरोजन को कम करने में मदद करते हैं. अब आपको बताते हैं इस पेड़ की एक ख़ास बात. इस पेड़ पर एक खास तरह का सफ़ेद फील लगता है जो रात को ही खिलता है. इसके बाद चौबीस घंटे में ये फूल झड़ भी जाता है. पेड़ वजह से भी चर्चा में है.

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