बांदा के शिवम ने बिना कोचिंग के क्रैक किया UPSC एग्‍जाम, बताया अपना सक्सेस मंत्र

आसमानों से कहो अगर हमारी उड़ान देखनी हो, तो अपना कद और ऊँचा कर ले… ये पंक्तियां उत्तर प्रदेश के बांदा (Banda News) में रहने वाले शिवम साहू पर सटीक बैठती हैं. एक सरकारी टीचर के बेटे शिवम का भारतीय वन सेवा IFS में चयन हुआ है. महज 24 साल की उम्र में बेटे के इस मुकाम पर पहुंचने पर परिजनों में खुशी की लहर है. आसपास के लोग बधाइयां देने घर पहुँच रहे हैं. पिता ने बताया कि बेटा जब छोटा था, मेरा सपना था कि वो IAS बने और देश के लिए कुछ कर सके, उसने अपनी मेहनत से हमे कर दिखाया. उसकी 75वीं रैंक आयी है

बेटे की इस कामयाबी से परिजनों में एक अलग सा माहौल देखने को मिला है. बेटे शिवम का का कहना है कि जब मुझे पता चला कि मेरा सेलेक्शन हो गया तो मेरे आंखों में आंसू आ गए.

बगैर कोचिंग के किया मुकाम हासिल

बांदा जिले के जसपुरा थाना इलाके के एक छोटे से गांव तनगामऊ के रहने वाले छेदालाल साहू जो सरकारी स्कूल के रिटायर्ड प्रिंसिपल हैं. उनका 24 वर्षीय बेटा शिवम भारतीय वन सेवा IFS में 75 वीं रैंक हासिल कर परिवार सहित जिले का नाम रोशन किया है. बताया कि बेटा शुरू से पढ़ने में होशियार था, मेरा सपना था बेटा अफसर बने और देश के लिए कुछ कर सके. उसने हमारे सपनो को पूरा किया. हम बहुत ही खुश हैं

शिवम साहू ने यूपीतक को बताया कि उनकी प्रारम्भिक शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल से हुई है, कक्षा 6 से 12 तक बांदा के जवाहर नवोदय विद्यालय से किया. इसके बाद BHU बनारस IIT से 2015 से 2020 के बीच बी0 टेक और M tech किया. इसके बाद 2021 में घर आकर तैयारियो में जुट गए. यही से पेपर देना शुरू किया.

बताया सक्सेस मंत्र

शिवम ने बताया कि उनका शुरू से सपना था आईएएस बनने का. उन्होंने पहले सिविल सेवा परीक्षा में दो बार प्रयास किया लेकिन सफलता नही मिली, इसके बाद तीसरे प्रयास में अखिल भारतीय वन सेवा आईएफएस में उनका सेलेक्शन हो गया. उन्होंने 75 वीं रैंक लाकर गांव सहित पूरे जिले का नाम रोशन किया है. उनको बधाइयां देने के लिए लोग घर पहुँच रहे हैं. उनका कहना है स्टूडेंट किसी के दबाव में इस फील्ड में न आये, यदि आये तो मेहनत करें जरूर सफलता मिलेगी

 

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