गांव की इस लड़की ने पहले प्रयास में पास की UPSC IAS की परीक्षा , जानें बिना कोचिंग कैसे मिली सफलता

IPS Divya Tanwar: दिव्या ने बिना किसी कोचिंग के यह सफलता प्राप्त की है।

हाइलाइट्स

  • यूपीएससी में दिव्या ने हासिल किया है रैंक 438।
  • पहले प्रयास में मिली है सफलता।
  • बिना कोचिंग की है पूरी तैयारी।

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कौन है दिव्या तंवर (Who is Divya Tanwar)

दिव्या तंवर हरियाणा के महेंद्रगढ़ की रहने वाली है. जवाहर नवोदय विद्यालय से स्कूली शिक्षा और सरकारी पीजी कॉलेज, महेंद्रगढ़ से बीएससी में स्नातक किया. इसके बाद सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुट गई और पहले ही प्रयास में यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा 2021 में 438 रैंक प्राप्त की।

आईपीएस दिव्या तंवर का जन्म, परिवार (IPS Divya Tanwar Birth, Family)

दिव्या का जन्म हरियाणा के महेंद्रगढ़ गाँव निंबी में साल 1996 में एक राजपूत परिवार में हुआ. दिव्या बेहद साधारण परिवार और किसान परिवार से ताल्लुक रखती है. उनके पिता का बीमारी के चलते साल 2011 में निधन हो गया. अब परिवार मे दिव्या की माँ और छोटा भाई और बहन है. पिताजी के इस तरह चले जाने से परिवार का पूरा बोझ माँ और दिव्या के कंधो पर आ गया. माँ दुसरो के खेतों में काम किया करती थी और घर-घर जाकर झाड़ू पोछा लगाया करती थी. माँ पर दिव्या की पढाई का अतिरिक्त बोझ ना पड़े इसलिए दिव्या भी बच्चों को पढ़ाया करती थी.

दिव्या तंवर का चुनौतीपूर्ण सफ़र (Divya Tanwar Journey)

दिव्या ने बीएससी उत्तीर्ण करने के बाद यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी में लग गई. दिव्या का यह सफ़र कई चुनौतियों से भरा हुआ रहा है. पैसो के आभाव के चलते कोचिंग का कोई सहारा नहीं लिया. सेल्फ स्टडी की बलबूते पर निर्धारित लक्ष्य प्राप्त किया. शुरुआत के दिनों में 4 से 5 घंटे पढाई की फिर धीरे-धीरे रोजाना 10 घंटे पढाई करना शुरू किया. दिव्या जिस कमरे में पढाई करती थी वो सिर्फ एक 10X10 का एक कमरा था. उसी कमरे में खाना-पीना, पढ़ना और सोना होता था. बस यही दिव्या का पुरे साल का शेड्यूल हुआ करता था.

दिव्या ने प्रीलिम्स एग्जाम का मैटेरियल्स ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त कर सेल्फ स्टडी की. और टॉपर्स के इंटरव्यू में बताए गए NCERT और स्टैंडर्ड बुक को पढ़ा. प्रीलिम्स एग्जाम क्रेक हो जाने के बाद फाइनल एग्जाम के लिए दृष्टि कोचिंग का मेंटोर शिप प्रोग्राम ज्वाइन किया जिसमे कई टेस्ट सीरीज शामिल थी. इन टेस्ट सीरीज से दिव्या को काफी हेल्प हुई. प्रीलिम्स एग्जाम तक की पढाई अपने घर में रहकर की उसके बाद 2 महीने के लिए दिल्ली चली गई वहा दृष्टि कोचिंग की लाइब्रेरी ज्वाइन की और मैन्स और आंसर राइटिंग की प्रेक्टिस की. वैकल्पिक विषय के तौर पर हिंदी साहित्य था.

कड़ी मेहनत और शिद्दत के साथ सिर्फ 23 साल की उम्र में पहले ही प्रयास में यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा 2021 में 438 रैंक प्राप्त कर दिव्या ने यह साबित कर दिया कि लक्ष्य हासिल करने के लिए संसाधनों की आवश्यकता नही होती बल्कि सिर्फ जीतोड़ मेहनत और निरंतर प्रयास की आवश्यकता होती है. दिव्या ने इस सफलता का पूरा श्रेय अपनी माँ को दिया. उन्होंने कभी दिव्या के ऊपर दबाव नही डाला कि घर का काम करे. माँ ने मेहनत मजदूरी कर आज अपनी बेटी को इस मुकाम में पहुंचा दिया है. दिव्या की इस उपलब्धि पर उनका पूरा गाँव गर्व से मनमोहित हो उठा.

दिव्या तंवर की मार्कशीट (IPS Divya Tanwar Marksheet)

दिव्या तंवर ने यूपीएससी की प्रीलिम्स एग्जाम में जनरल स्टडीज के पेपर-I में 81.68 मार्क्स और सीसैट के पेपर में 68.92 मार्क्स प्राप्त हुए. और मैन्स एग्जाम में 751 मार्क्स और इंटरव्यू में 179 मार्क्स प्राप्त हुए. इस हिसाब से  दिव्या को यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 2025 में से कुल 930 (40.43%) मार्क्स मिले हैं.

प्रीलिम्स मार्कशीट
पेपर 1 81.68
पेपर 2 68.92
कुल 150.60

 

फाइनल मार्कशीट
निबंध 122/250
सामान्य अध्ययन पेपर 1 193/250
सामान्य अध्ययन पेपर 2 100/250
सामान्य अध्ययन पेपर 3 81/250
सामान्य अध्ययन पेपर 4 83/250
सामान्य अध्ययन कुल नंबर 357/ 1000
हिंदी साहित्य 1 145/250
हिंदी साहित्य 2 127/250
वैकल्पिक विषय कुल नंबर 272/ 500
लिखित कुल नंबर 751/ 1750
साक्षात्कार 179/275
कुल 930 /2025

 

यूपीएससी (UPSC) की सिविल सर्विस परीक्षा में हर साल टॉपर्स का संघर्ष और उनकी जीत की कहानियों हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का एक जरिया बनती हैं। कुछ कहानियां तो ऐसी होती हैं जो बेहद अविश्वसनीय लगती है। आज हम ऐसी ही एक कहानी लेकर आए हैं जिसे पढ़ने के बाद शायद आपको यह यकीन हो जाएगा कि मेहनत और संघर्ष के आगे हर चीज फीकी है। ये कहानी (UPSC Topper Success Story) यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा 2021 में रैंक 438 रैंक प्राप्त करने वाली दिव्या तंवर की है।

मां ने मजदूरी कर दिव्या को पढ़ाया
हरियाणा के महेंद्रगढ़ से ताल्लुक रखने वाली दिव्या अपने भाई बहनों में सबसे बड़ी हैं और अपनी मां और दो छोटे भाई-बहनों के साथ रहती हैं। वे बेहद साधारण परिवार से आती हैं और यह उनकी सिविल सेवा परीक्षा में पहला अटेम्प्ट था। अपने पहले अटेम्ट में ही दिव्या ने आईपीएस (IPS Divya Tanwar) का पद प्राप्त कर पूरे जिले का नाम रौशन कर दिया है। दिव्या की उम्र बहुत छोटी थी जब उनके सर से पिता का साया उठ गया उसके बाद से उनकी मां ने दूसरों के खेतों में मजदूरी कर अपना घर चलाया और अपने बच्चों का पालन-पोषण किया।

मेहनत से लिया नवोदय में दाखिला
दिव्या ने अपनी प्राथमिक शिक्षा निम्बी जिले के मनु स्कूल से की और बाद में परीक्षा पास कर नवोदय विद्यालय में दाखिला लिया। उन्होंने अपना ग्रेजुएशन बीएससी में गवर्नमेंट पीजी कॉलेज से किया है। दिव्या अक्सर बच्चों को पढ़ाया भी करती थी। उनका मानना है कि परीक्षा पास करने में किस्मत से अधिक मेहनत का रोल होता है। यदि किसी ने ठान लिया कि यह करना है तो वह मेहनत के दम पर वह हासिल कर ही लेता है।

10 घंटे करती थी पढ़ाई
दिव्या का घर बहुत छोटा है लेकिन उन्होंने वहीं रहकर तैयारी की। तैयारी के लिए उन्होंने किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया और सेल्फ स्टडी की मदद से अपने लक्ष्य को प्राप्त किया। अगर बात उनकी पढ़ाई की हो तो वे रोज 10 घंटे पढ़ती थी और घर से कभी बाहर नहीं जाती थी। खाना, पढ़ना और सोना, बस यही उनकी तैयारी का शेड्यूल रहा। दिव्या अपनी मां को अपनी सफलता का क्रेडिट देती हैं जिन्होंने अपनी बेटी का हाथ हमेशा थामे रखा और कभी पिता की कमी महसूस नहीं होने दी। उनकी मां ने खुद मजदूरी की लेकिन दिव्या की तैयारी में कोई समस्या पैदा नहीं होने दी।

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सर्विस परीक्षा की हर साल लाखों युवाओं तैयारी करते है. यह परीक्षा सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है. इस एग्जाम को पास करना कई युवाओं का सपना होता है और यह सपना जब सच हो जाता है तो उनकी जीत की कहानी लाखों लोगो का एक प्रेरणा का जरिया बन जाता है. कुछ लोगो की कहानियाँ इतनी प्रेरणा दायक होती है कि उनके सामने घर संघर्ष और चुनौती फीकी पड़ जाये. तभी तो कहते है न “जो लोग अपनी किस्मत से ज्यादा अपनी मेहनत पर भरोसा करते है, वो एक ना एक दिन सितारों की तरह जरुर चमकते है” हम बात कर रहे है एक गरीब परिवार बेटी दिव्या तंवर की, जिन्होंने सिमित संसाधन में पढाई कर यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा 2021 में 438 रैंक प्राप्त की. तो आज के इस लेख में हम आपको दिव्या तंवर आईपीएस का जीवन परिचय (Divya Tanwar IPS Biography In Hindi) के बारें में विस्तृत जानकारी देने वाले है

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