क्रेडिट कार्ड क्या होता है, इसके क्या फायदे है

क्रेडिट कार्ड क्या होता है?

क्रेडिट कार्ड किसी वित्तीय संस्थान द्वारा जारी किया जाने वाला भुगतान करने की सहूलियत देने वाला एक कार्ड होता है, जो आपको उस बैंक अथवा फाइनेंशियल संस्थान से ‘प्री-अप्रूव्ड’ लोन यानी क्रेडिट की सुविधा प्रदान करता है। इसके तहत आप हर माह एक निश्चित तिथि, यानी ‘बिलिंग-साइकल’ के भीतर उधार ली गई रकम का ‘रिपेमेंट’ यानी पुनर्भुगतान करते रहते हैं। और इस तरह अगर आप नियमित भुगतान करते रहते हैं, तो आपकी ‘क्रेडिट-लिमिट’ भी दिनों-दिन बढ़ती जाती है।

क्रेडिट कार्ड क्यों लिया जाता है 

क्रेडिट कार्ड हो तो आप पास में कम पैसे होने पर भी आप आसानी से महंगी चीजों की खरीदारी करने में सक्षम हो जाते हैं। क्रेडिट कार्ड के साथ आप समय-समय पर मिलने वाले कैशबैक, डिस्काउंट्स और कई तरह की ब्याज-मुक्त क्रेडिट योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस तरह देखें तो क्रेडिट-कार्ड हमें आज के युग में ‘फाइनैंशियल बैंकिग’ प्रदान करने वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण टूल है।

क्रेडिट कार्ड के फायदे 

हालांकि अब तक कई बातों से क्रेडिट कार्ड लेने के फायदों का अंदाजा काफ़ी कुछ हो गया होगा। फिर भी एक बार ‘सिस्टेमैटिक’ (व्यवस्थित) तरीके से हम क्रेडिट-कार्ड के सभी फायदों का तफ़सील से ज़िक्र करते हैं-

1. पेमेंट करने में सहूलियत 

आपके पास क्रेडिट-कार्ड होने का सबसे पहला लाभ तो यही है कि इससे आपको कहीं भी और कभी भी ‘कैशलेस पेमेंट’ कर सकने की सहूलियत मिल जाती है। क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने के लिये आपको बस एक ‘स्वाइप’ करना होगा, और तमाम भुगतानों के लिये हमेशा जेब में नकदी होने की जरूरत नहीं होगी।

2. आपके खर्चों का पूरा हिसाब रखता है आपका क्रेडिट कार्ड 

पास में क्रेडिट-कार्ड होने का एक बड़ा फायदा ये है कि इसके ‘स्टेटमेंट’ को देखकर हमें अपने खर्चे का पूरा हिसाब मिल जाता है। और उसमें किसी इंसानी भूल की संभावना बिल्कुल नहीं रहती। इस तरह हम अपनी ज़ुरूरतों की प्राथमिकतायें देखते हुए, अपने खर्च करने की आदतों से उनकी तुलना कर सकते हैं।

3. सिबिलस्कोर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है आपका क्रेडिट कार्ड 

जब आप किसी वित्तीय संस्थान में लोन के लिये आवेदन करते हैं तो सबसे अहम् होता है आपका सिबिल(CIBIL) क्रेडिट का स्कोर। जिसे देखकर, और जिसके अनुसार ही आपका ‘लोन-अप्रूवल’ होता है। क्रेडिट कार्ड से लेन-देन करते हुए अगर आप कुछ बातें ख्याल में रखें, जैसे कि उधारी का नियमित पुनर्भुगतान करते रहना आदि, तो आपका सिबिल-क्रेडिट स्कोर दिनोंदिन चढ़ता जाता है। जिससे आप कहीं भी और कैसा भी ऋण काफी सुविधाजनक तरीके से पा सकते हैं।

4. समय पर पेमेंट करने वालों को क्रेडिट कार्ड दे सकता है तमाम फायदे 

जब आप अपने क्रेडिट कार्ड से लोन लेकर कोई चीज खरीद लेते हैं तो कार्ड जारी करने वाली वित्तीय-संस्था उस उधारी के पुनर्भुगतान के लिये प्रतिमाह एक निश्चित समयावधि यानी ‘बिलिंग-साइकल’ तय कर देती है। अमूमन यह पचास दिनों की होती है। यदि आप इसके भीतर अपने बकाया भुगतान कर देते हैं तो आपको कोई बेहतरीन ऑफ़र या रिवार्ड्स वगैरह का लाभ भी मिल सकता है।

बता दें कि 21 मई, 2022 को आरबीआई की आई नई नियमावली के अनुसार क्रेडिट-कार्ड संबंधी पुनर्भुगतान आप निश्चित समय-सीमा के बाद भी तीन दिनों तक बिना किसी विलंब-शुल्क के जमा कर सकते हैं।

क्रेडिट कार्ड बनवाने के अन्य लाभ 

Credit Card Ke Fayde

इन बताये गये फायदों के अलावा क्रेडिट कार्ड ‘यूज़’ करने के और भी बहुत से लाभ हैं। जैसे कि, क्रेडिट-कार्ड के इस्तेमाल से आपको ‘टर्म-इंश्योरेंस’ और ‘एक्सीडेंटल डेथ-कवर जैसी सुविधाएं भी मिल जाती हैं। इस तरह देखें तो क्रेडिट-कार्ड बनवाने के बहुत फायदे हैं। लेकिन हर चीज के दो पहलू होते हैं।

अगर क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कायदे से हो तो यह बहुत लाभकारी सिद्ध होता है। लेकिन क्रेडिट-कार्ड का प्रयोग अगर बिना सोचे-समझे गलत तरीके से होता है तो इसका खामियाजा भी हमें ही भुगतना पड़ता है। तो आइये देखें कि क्रेडिट-कार्ड बनवाते या इस्तेमाल करते समय किन-किन बातों का ख्याल रखना चाहिए कि हमें इससे कोई नुकसान न हो-

क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते समय नुकसान से बचने को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए 

अक्सर होता ये है कि क्रेडिट-कार्ड बनवाते समय हम उसके फायदे तो कायदे से देख लेते हैं, पर इस उत्साह में क्रेडिट-कार्ड से जुड़ी संभावित हानियों की ओर ज्यादा ध्यान नहीं देते। हालांकि यह बेहद जरूरी चीज है; कि किसी भी वस्तु को लेने से पहले हम उसके- ‘पॉजिटिव-निगेटिव’ दोनों पहलुओं की पूरी जानकारी कर लें। यहां हम इसी पर चर्चा करेंगे, कि क्रेडिट-कार्ड से जुड़े नुकसानों से बचने हेतु हमें क्या-क्या एहतियात बरतने चाहिए –

1. क्रेडिट कार्ड पर एटीएम से कैश कब निकालें 

क्रेडिट कार्ड पर आप अपनी क्रेडिट-लिमिट के आधार पर एटीएम से कैश निकाल सकते हैं। पर क्रेडिट-कार्ड से नकदी किसी ‘इमरजेंसी’ में ही निकालें, क्योंकि आपको इसका मोटा ‘चार्ज’ भी भरना पड़ता है। साथ ही, इस पर ब्याज मुक्त ‘क्रेडिट पीरियड’ का कोई लाभ नहीं मिलता।

2. अपनी क्रेडिटलिमिट मेनटेन रखें 

क्रेडिट कार्ड से ख़र्च का दायरा अपनी क्रेडिट लिमिट के तीस से पचास फीसदी तक रखना ठीक माना जाता है। क्योंकि एकमुश्त क्रेडिट की ज्यादा धनराशि निकाल लेने पर आपको बाजार के नज़रिए से ‘फ़ाइनैंशियली-वीक’ यानी कमजोर वित्तीय स्थिति वाला माना जाता है। जिससे आपका क्रेडिट-स्कोर गिर सकता है, और यह आगे लोन संबंधी सभी मामलों में आपके लिये असुविधा पैदा करता है। इसलिये हमें अपने क्रेडिट-कार्ड पर मिली क्रेडिट लिमिट को मेनटेन रखना चाहिये।

3. विदेशों से क्रेडिटकार्ड के थ्रूट्रांजैक्शनमें सावधानी बरतें 

जब आप अपने क्रेडिट-कार्ड के ज़रिये विदेश से कोई लेन-देन करते हैं तो आपको ‘फ़ॉरेन करेंसी ट्रांजेक्शन फीस’ अदा करनी होती है। इसलिये विदेशों से ट्रांज़ैक्शन में क्रेडिट कार्ड के मुकाबले प्री-पेड कार्ड कहीं बेहतर होता है।

4. क्रेडिट कार्ड के दो तरहड्यू अमाउंट‘ 

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हुए हमें जानना चाहिए कि इसमें दो तरह के ड्यू अमाउंट होते हैं। यदि आप सिर्फ “मिनिमम ड्यू अमाउंट” पे करते हैं तो आपको ब्लॉक नहीं किया जाता है, पर ”टोटल ड्यू अमाउंट’ पर ब्याज बढ़कर लगता है। इसलिये क्रेडिट-कार्ड में हमेशा ‘टोटल ड्यू’ ख्याल में रखते हुए ही पुनर्भुगतान करें।

5. कोई क्रेडिट कार्ड अचानक क्लोज़ करें 

क्योंकि इससे आपका ‘क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो’ बढ़ सकता है। अक्सर हम दो कार्ड होने पर एक बंद करा देते हैं। पर इससे क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो जो दो कार्ड्स में बंटा था, अब एक में आ जाता है। फिर यह बढ़कर आपका सिबिल-क्रेडिट स्कोर बिगाड़ सकता है। इसलिये कार्ड का इस्तेमाल न होने पर भी उसे क्लोज़ करने से कहीं अच्छा है उसे एक्टिव रखना।

क्रेडिट कार्ड से लोन पर ब्याज का खास ख्याल रखें 

सनद रहे कि क्रेडिट कार्ड से ख़र्च की गई उधारी की रकम आपको ऊंची दर से ब्याज सहित वापस लौटाना होता है। हालांकि अच्छी बात ये है कि अगर आप पूरी तरह नियमित पुनर्भुगतान करते रहते हैं तो आपको कोई चार्ज नहीं देना पड़ता।

इस तरह हम देख सकते हैं कि क्रेडिट-कार्ड के बहुत सारे फायदे हैं; लेकिन अगर हम सुविधा पाकर गैरजरूरी बड़ी खरीदारी करने के लोभ से बच सकें, और हर देय-तिथि यानी बिलिंग-डेट तक क्रेडिट की गई राशि का पुनर्भुगतान सुनिश्चित कर सकें।

इसके अलावा, क्रेडिट कार्ड का लाभ पूरी तरह से लेने के लिये बनवाते समय इसकी ‘वरायटी’ का चुनाव करना भी काफी अहम है। क्रेडिट कार्ड कई प्रकार के आते हैं। इसलिये इसका सही इस्तेमाल करने के मद्देनज़र आपको अपनी ज़ुरूरतें देखते हुए अपने लिये सबसे मुफ़ीद क्रेडिट कार्ड का चयन करना होता है।

इसके लिये आपको जानना चाहिए कि क्रेडिट-कार्ड कितने तरह से आते हैं, और उनका क्या ख़ास इस्तेमाल होता है। तो आइए जानते हैं कि प्री-अप्रूव्ड लोन देने वाले ये क्रेडिट-कार्ड कितने प्रकार के होते हैं

क्रेडिट कार्ड कितने प्रकार के होते हैं 

अपने-अपने ‘नेचर’ के मुताबिक अलग-अलग तरह के क्रेडिट कार्ड बैंकों द्वारा ज़ारी किये जाते हैं। इनमें से कुछ का इस्तेमाल व्यक्तिगत जरूरतों के लिये होता है, और कुछ व्यावसायिक इस्तेमाल के लिये बनाए गए हैं। मोटे तौर पर क्रेडिट-कार्ड आठ तरह के आते हैं –

  • 1- ट्रैवेल क्रेडिट कार्ड,

  • 2- रिवार्ड्स क्रेडिट कार्ड,

  • 3- फ्यूल क्रेडिट कार्ड,

  • 4- शॉपिंग क्रेडिट कार्ड,

  • 5- सेक्योर्ड क्रेडिट कार्ड,

  • 6- प्रीमियम क्रेडिट कार्ड,

  • 7- एंटरटेनमेंट क्रेडिट कार्ड,

  • 8- शून्य सालाना शुल्क वाला क्रेडिट कार्ड।

जैसा कि नाम से ही ज़ाहिर होता है कि ये सारे क्रेडिट कार्ड बैंकों द्वारा अलग-अलग ‘परपज़’ से ज़ारी किये जाते हैं। तो आइये इनमें से एक-एक के बारे में थोड़ा ‘डिटेल’ से जानते हैं –

1. ट्रैवेल क्रेडिट कार्ड क्या है 

यह क्रेडिट-कार्ड ‘ट्रैवेल एंड ट्रांसपोर्ट’ के उद्देश्य से बनाया गया है। इसलिये अगर आपको कहीं यात्रा के लिये टिकट बुक करना है, या ‘ट्रांसपोर्टेशन’ का कोई काम है तो यह क्रेडिट-कार्ड आपके लिए काफी सुविधाजनक रहेगा। ट्रैवल क्रेडिट-कार्ड के ज़रिए आप अपनी यात्रा से संबंधित चीजें- जैसे ठहरने के लिये होटल, ट्रेन या बस के टिकट वगैरह आसान तरीके से बुक करा सकते हैं। इसके साथ ही, ट्रैवल क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते हुए ट्रेन या बस का टिकट आदि लेने पर आपको बेहतरीन ‘रिवार्ड्स’ और ‘कैशबैक’ भी दिया जाता है।

2. रिवार्ड क्रेडिट कार्ड 

आजकल ऑनलाइन शॉपिंग का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में यह क्रेडिट-कार्ड काफी उपयोगी साबित होता है। अक्सर ऑनलाइन तरीके से शॉपिंग और लेन-देन यानी ‘ट्रांज़ैक्शन’ करने वाले ‘रिवार्ड क्रेडिट कार्ड’ का पूरा फायदा उठा सकते हैं। इसमें भी आप अच्छे रिवार्ड्स और कैशबैक का लाभ उठा कर और भी खरीदारी कर सकते हैं।

3. फ्यूल क्रेडिट कार्ड 

इस तरह के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल हम अपनी गाड़ियों में ईंधन यानी पेट्रोल-डीजल वगैरह डलवाने के लिये कर सकते हैं।‌ फ्यूल क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते हुए आप बढ़िया कैशबैक और बोनस आदि का फायदा उठाते हैं। इसके अलावा फ्यूल क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हुए पेट्रोल आदि डलवाने की सबसे ख़ास बात ये है कि इस तरह हम ‘सरचार्ज’ देने से बच जाते हैं। 

4. शॉपिंग क्रेडिट कार्ड 

अगर आप शॉपिंग के शौकीन हैं तो यह क्रेडिट-कार्ड आपके लिए ही है। ‘शॉपिंग क्रेडिट कार्ड’ का इस्तेमाल करके आप काफ़ी बेहतरीन ‘रिवार्ड्स’ और ‘प्वाइंट्स’ अर्न कर सकते हैं। जिसका उपयोग फिर आगे की शॉपिंग में किया जा सकता है।

5. सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड 

 सिक्योर्ड क्रेडिट-कार्ड आपको केवल एफ़डी यानी ‘फिक्स्ड-डिपॉजिट’ पर ही मिलता है। इसीलिये इसे सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड कहा गया; क्योंकि इसमें ऋणदाता का जोखिम न के बराबर होता है। लेकिन सिक्योर्ड क्रेडिट-कार्ड इस्तेमाल करने का मुख्य लाभ ये है कि इसमें आपको ब्याज के अच्छे-अच्छे ‘ऑफ़र्स’ मिलते हैं।

तो अगर आपका किसी बैंक में जमा खाता, यानी ‘फिक्स्ड डिपॉज़िट’ है तो आप वहां से इस तरह का क्रेडिट कार्ड बनवा सकते हैं। अमूमन इस तरह के क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल से आपका ‘सिबिल स्कोर’ भी मेनटेन रहता है।

6. एंटरटेनमेंट क्रेडिट कार्ड 

यह क्रेडिट-कार्ड खास तौर से फिल्म देखने के शौकीन लोगों के लिये बना है। एंटरटेनमेंट क्रेडिट-कार्ड के ज़रिए आप ओवर द टॉप यानी ‘ओटीटी’ प्लेटफॉर्म्स पर, नेटफ्लिक्स वगैरह पर कई तरह के ऑफ़र्स और डिस्काउंट्स का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

7. शून्य शुल्क क्रेडिट कार्ड 

यह क्रेडिट-कार्ड बैंक द्वारा अपने ख़ास ग्राहकों को दिये जाते हैं। हालांकि करीब-करीब हर बैंक इस तरह के क्रेडिट कार्ड ज़ारी करता है। शून्य शुल्क क्रेडिट-कार्ड से आप शॉपिंग वगैरह तो करते ही हैं, ख़ास बात यह है कि इसके ज़रिए एटीएम से पैसे निकालने पर आपको कोई शुल्क नहीं अदा करना पड़ता।

8. प्रीमियम क्रेडिट कार्ड 

प्रीमियम क्रेडिट-कार्ड का उपयोग ‘एयर-टिकट’ वगैरह खरीदने में होता है। इसमें भी आप कई तरह से बोनस, रिवार्ड्स और कैशबैक का लाभ उठा सकते हैं। यहां हमने देखा कि क्रेडिट कार्ड कितने तरह के होते हैं।

इसके बाद आप आसानी से अपने जरूरत के मुताबिक उचित क्रेडिट कार्ड चुन सकते हैं। अब सवाल आता है कि क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिये कहां जायें, क्या करें! तो आइये विस्तार से बात करते हैं इसके बारे में –

क्रेडिटकार्ड अप्लाई कहां से और कैसे करें 

क्रेडिट-कार्ड बनवाने में करते समय पहला सवाल यही आता है कि इसके लिये कहां जाकर, और किस तरह से अप्लाई करें। और इसके लिये आपके सामने तीन विकल्प होते हैं –

  • बैंक की नजदीकी शाखा में जाकर,

  • बैंक के रिप्रेजेंटेटिव यानी बैंक-प्रतिनिधि के ज़रिये, या फिर

  • ऑनलाइन

अब हम क्रेडिट-कार्ड बनवाने के इन तीनों विकल्पों की विस्तार से चर्चा करेंगे। जिसमें हमें इस संबंध में उठने वाले तमाम सवालों के ज़वाब मिल जायेंगे, कि एक क्रेडिट-कार्ड बनवाने के लिये कहां और कैसे आवेदन करना होता है। बता दें कि क्रेडिट-कार्ड बनवाने और इसके लाभ पाने हेतु आपको पांच सौ से लेकर दस हजार रुपए तक ‘ज्वाइनिंग-शुल्क’ के रूप में अदा करना पड़ सकता है।

तो आइये इस क्रम में सबसे पहले देखते हैं घर बैठे ऑनलाइन क्रेडिट-कार्ड बनवाने की प्रक्रिया –

ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड कैसे बनवाएं

Credit Card Kaise Banwaye

ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड बनवाना बेहद आसान है। इसके लिये आपको बस बैंक की ऑफ़िशियल वेबसाइट पर जाना होगा, और कहीं नहीं। यानी कि आप ऑनलाइन घर बैठे अपना क्रेडिट कार्ड बनवा सकते हैं। तो आइए, ‘स्टेप-बाय-स्टेप’ देखते हैं कि ऑनलाइन क्रेडिट-कार्ड बनवाने के लिये अप्लाई कैसे करें –

  • जैस कि हम जानते हैं, ऑनलाइन क्रेडिट-कार्ड के लिये आवेदन करना है तो सबसे पहले हमें उस बैंक की ऑफ़िशियल वेबसाइट पर जाना होगा, जहां से हम क्रेडिट-कार्ड बनवाना चाहते हैं,

  • जहां से आप अपना क्रेडिट कार्ड बनवाना चाहते हैं उस बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आपको उसके ‘क्रेडिट-कार्ड’ वाले सैक्शन में एंटर करना होगा,

  • बैंक की ऑफ़िशियल वेबसाइट के क्रेडिट कार्ड वाले सैक्शन में आपको तरह-तरह के क्रेडिट कार्ड्स दिखेंगे, उनमें से अपने लिए उपयुक्त क्रेडिट कार्ड का चयन करें, अर्थात् उस पर क्लिक करें,

  • अपने चुने हुए क्रेडिट कार्ड पर क्लिक करते ही आपके सामने उसकी पूरी ‘डिटेल’ खुलकर आ जाती है। इसके साथ ही, वहीं पर आपको उस क्रेडिट-कार्ड के लिये अप्लाई करने का ऑप्शन (apply now button) भी दिखाई देता है,

  • क्रेडिट कार्ड अप्लाई करने वाले बटन ‘अप्लाई-नाउ’ पर क्लिक करें, ऐसा करते ही आपके सामने क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिये भरा जाने वाला आवेदन पत्र खुलकर आ जाता है,

  • इस आवेदन पत्र को कायदे से भरें, और मांगे गए जरूरी दस्तावेजों के साथ सबमिट कर दें।

इस तरह क्रेडिट कार्ड के लिये अप्लाई करने की आपकी ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी हो जाती है। इसके बाद आपके द्वारा आवेदन पत्र के साथ दी गई सभी जानकारियों की बैंक के अधिकारीगण अपने स्तर से जांच करते हैं। अगर बैंक अपने इस जांच-पड़ताल में संतुष्ट हो जाता है, तो आपका क्रेडिट कार्ड बनना निश्चित हो जाता है।

और आगे की प्रक्रिया शुरू होती है, जिसके तहत आपके दिये गये फोन नंबर पर आपसे संपर्क किया जाता है, और आगे के लिये जरूरी दिशा-निर्देश दिए जाते हैं। अगर बैंक हर तरह से यह पाता है कि आप क्रेडिट-कार्ड पाने के लिये बिल्कुल ‘एलिजिबल’ हैं, तो कुछ ही दिनों में बैंक से डाक द्वारा आपका क्रेडिट कार्ड आपके घर के पते पर भेज दिया जाता है।

इस तरह हमने घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से क्रेडिट-कार्ड के लिये अप्लाई करने का तरीका देखा। यह बहुत ही ईज़ी है। लेकिन अगर आप ऑनलाइन की बजाय ऑफलाइन, यानी सीधे किसी बैंक की शाखा में जाकर क्रेडिट कार्ड के लिये आवेदन करना चाहते हैं, तो इसके लिये ये तरीका है –

ऑफ़लाइन बैंक की नजदीकी शाखा में जाकर क्रेडिट कार्ड बनवाने की प्रक्रिया 

  • सीधे बैंक जाकर क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिये सबसे पहले तो उस बैंक का चयन करें जहां से क्रेडिट-कार्ड बनवाना आपको बेहतर और सुविधाजनक होगा,

  • बैंक का चुनाव करने के बाद उसकी किसी नजदीकी शाखा में जाकर क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिये आवेदन पत्र प्राप्त करें,

  • बैंक से क्रेडिट कार्ड बनवाने का आवेदन पत्र प्राप्त करने के बाद उसे ठीक से भरें,

  • क्रेडिट कार्ड का आवेदन पत्र भरने के बाद आवश्यक दस्तावेजों को संलग्न कर बैंक के काउंटर पर जाकर उसे जमा करें,

  • इसके बाद बैंक आपके द्वारा आवेदन पत्र के साथ दी गई सूचनाओं की तस्दीक करता है, और संतुष्ट होने पर आपको उस बैंक से क्रेडिट-कार्ड ज़ारी कर दिया जाता है,

  • आपको आपका क्रेडिट कार्ड कुछ ही दिनों में डाक से अपने घर के पते पर ही पहुंचा दिया जाता है।

ये तो थी बैंक में जाकर क्रेडिट-कार्ड बनवाने की विधि। लेकिन अगर आप क्रेडिट-कार्ड बनवाने का अब तक बताये गये दोनों विकल्पों के अलावा भी कोई तीसरा ऑप्शन ढूंढ़ रहे हैं तो इसके लिये आपको उस बैंक के प्रतिनिधि से संपर्क करना होगा जहां से आप अपना क्रेडिट कार्ड बनवाना चाहते हैं। किसी बैंक रिप्रेजेंटेटिव से क्रेडिट-कार्ड बनवाने का तरीका इस प्रकार है –

  • सबसे पहले उस बैंक के प्रतिनिधि से संपर्क करें जहां से क्रेडिट-कार्ड बनवाना है। इसके आगे की प्रक्रिया वह आपको खुद बतायेगा,

  • क्रेडिट कार्ड बनवाने को बैंक प्रतिनिधि से संपर्क करने पर वे आपको कुछ जरूरी दस्तावेज़ उपलब्ध कराने को कहते हैं, और आपकी क्रेडिट-कार्ड के लिये आवेदन की प्रक्रिया में पूरी मदद करते हैं,

इस तरह हमने देखा कि किसी बैंक-प्रतिनिधि के माध्यम से क्रेडिट-कार्ड बनवाने पर भी आपको काफी सहूलियत मिलती है, और ज्यादा कुछ मशक्कत नहीं करनी पड़ती।

क्रेडिट कार्ड के लिये किये गये आवेदन की स्थिति कैसे जानें 

अपने क्रेडिट-कार्ड के लिये किये गये आवेदन की वर्तमान स्थिति चेक करना भी बहुत सुगम है। इसके लिये आप बैंक की ऑफ़िशियल वेबसाइट पर क्रेडिट-कार्ड वाले सैक्शन में जाकर, और वहां मांगी गई अपनी ‘डिटेल्स’ को भरकर अपने आवेदन की स्थिति आसानी से जान सकते हैं।

इसके अलावा आप सीधे बैंक की शाखा में जाकर भी क्रेडिट कार्ड के लिये दिये गये अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं।

निष्कर्ष 

जैसा कि इस विस्तृत वार्ता में हमने तफ़सील से समझा – कि क्रेडिट-कार्ड क्या है, क्रेडिट कार्ड कितने तरह के होते हैं, इसे बनवाने के लिये क्या करें आदि। अब तक आपको ये बात पूरी तरह साफ हो जानी चाहिए कि अगर कुछ जरूरी बातें ध्यान में रखी जायें, तो क्रेडिट कार्ड के फायदे बेशुमार हैं। शायद इसीलिये, आज के आर्थिक उठापटक वाले वक्त में क्रेडिट-कार्ड लोगों के लिये एक जरूरत बन गया है।

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