अब एक आईडी पर नहीं रख पाएंगे तीन से ज्यादा सिम, इस तारीख से लागू हो रहा नया नियम, जानें सबकुछ

सच्चिदानंद/पटना. अगर आप एक ही पहचान पत्र देकर कई सिम कार्ड खरीदते हैं, तो जरा सावधान हो जाएं. अब ऐसा नहीं हो पाएगा. 1 अक्टूबर से एक पहचान पत्र पर अधिकतम तीन सिम ही खरीद सकता है. साइबर अपराध के लगातार बढ़ रहे खतरे को देखते हुए दूरसंचार मंत्रालय ने एक व्यक्ति की आइडी पर बड़ी संख्या में सिम कार्ड जारी करने पर रोक लगा दी है. नया नियम 1 अक्तूबर 2023 से बिहार में लागू हो जाएगा. इस संबंध में ईओयू ने सभी जिलों को निर्देश दिया है. इस मामले पर ईओयू बिहार के डीआईजी एमएस ढिल्लो ने बताया कि साइबर अपराधी अलग-अलग नंबरों से अपराध कर उसे बंद कर देते हैं. इससे उनको पकड़ना मुश्किल होता है. अब सिर्फ रजिस्टर्ड कंपनियों को ही बल्क में सिम मिल पाएगा. वर्तमान में एक आइडी पर अधिकतम नौ सिम निर्गत किए जाने का प्रावधान है.

बहरहाल, साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए दूरसंचार मंत्रालय ने एक पहचान-पत्र पर तीन से अधिक मोबाइल सिम जारी करने पर रोक लगा दी है. पहले अधिकतम 9 सिम तक लोग खरीद लेते थे. इस दौरान यह देखा गया कि कई अपराधी प्रवृति के लोग बल्क में सिम खरीद कर लोगों के साथ फ्रॉड कर सिम को बंद कर देते थे. इससे उन अपराधियों तक पहुंचने में पुलिस को दिक्कत होती थी. एक ही पहचान-पत्र पर आसानी से अधिक सिम मिलने से इसका दुरुपयोग भी खूब होता था. इसको रोकने के लिए यह कदम उठाया गया. अब एक पहचान-पत्र पर अधिकतम तीन सिम ही निर्गत हो पाएंगे. 1 अक्टूबर से यह नियम बिहार के सभी जिलों में भी लागू हो जाएगा. इसके लिए ईओयू के डीआईजी एमएस ढिल्लो ने पत्र लिखकर सभी जिलों को निर्देश दिया है.

 

3 से ज्यादा सिम लेने हैं तो क्या करें?                                                                                            
अगर आप सिम बेचने का व्यवसाय करते हैं और आपको एक साथ थोक में सिम खरीदने पड़ते हैं, तो इसके लिए भी व्यवस्था की गई है. अधिकतम तीन सिम लेने की बात सिर्फ व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए कही गई है. अब थोक में सिम लेने वालों के लिए अलग से एक नई श्रेणी बनाई गई है. इनको बिजनेस श्रेणी कहा जाएगा. इसके तहत थोक में सिम लेने पर ग्राहकों को कॉरपोरेट पहचान संख्या या जीएसटी पंजीकरण वाला प्रमाण-पत्र समेत अन्य दस्तावेज देने होंगे. साथ ही अब अगर किसी गुम या बंद पड़े सिम को चालू कराना हो तो इसके लिए ई-केवाइसी या डिजिटल केवाइसी का पालन अनिवार्य कर दिया गया है. आपको बता दें कि बंद पड़े नंबर को 90 दिन तक दूसरे व्यक्ति को आवंटित नहीं किया जाएगा. अब नया सिम तभी सक्रिय होगा, जब ग्राहक के फोटो और नाम-पता समेत संपूर्ण जानकारी वाले प्रमाण-पत्र का मिलान कर लिया जाएगा.

 

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