अंतरिक्ष से आई गुड न्यूज! ISRO ने किया मंगल मिशन वाला कमाल, जानें अब धरती से कितना दूर पहुंचा आदित्य-एल1

नई दिल्ली: चांद पर मौजूद चंद्रयान-3 के प्रज्ञान के जगने की भले ही आस खत्म होती जा रही हो, मगर सूर्य मिशन पर निकला आदित्य-एल1 लगातार सफलता की ओर अपने कदम आगे बढ़ा रहा है. दरअसल, अंतरिक्ष से एक बड़ी खुशखबरी आई है और इसरो ने एक तरह से उस कारनामे को दोहराया है, जो उसने कभी मंगल मिशन के दौरान किया था. इसरो यानी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने शनिवार को कहा कि सूर्य का अध्ययन करने के लिए भारत के पहले मिशन के रूप में आदित्य-एल1 अंतरिक्ष यान पृथ्वी के प्रभाव क्षेत्र से सफलतापूर्वक बचकर निकल गया है.

इसरो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर गुड न्यूज देते हुए कहा, ‘आदित्य-एल1 अंतरिक्ष यान पृथ्वी के प्रभाव क्षेत्र से सफलतापूर्वक बचकर धरती से 9.2 लाख किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर चुका है. अब यह सूर्य-पृथ्वी लैग्रेंज प्वाइंट 1 (एल 1) की ओर अपना रास्ता तय कर रहा है. यह लगातार दूसरी बार है, जब इसरो किसी अंतरिक्ष यान को पृथ्वी के प्रभाव क्षेत्र के बाहर भेज सका है. पहली बार ऐसा मंगल ऑर्बिटर मिशन के दौरान किया गया था.’

बता दें कि सूर्य का अध्ययन करने के लिए अंतरिक्ष यान आदित्य एल-1 को 2 सितंबर को सुबह 11.50 बजे श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष बंदरगाह से लॉन्च किया गया था. यह बेंगलुरु मुख्यालय वाली अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा लॉन्च किया जाने वाला सूर्य के अवलोकन के लिए पहला समर्पित भारतीय अंतरिक्ष मिशन था. आदित्य-एल1 अंतरिक्ष यान सूर्य का अध्ययन करने के लिए कुल सात अलग-अलग पेलोड ले जा रहा है, जिनमें से चार सूर्य से प्रकाश का निरीक्षण करेंगे और बाकी बचे तीन प्लाज्मा और चुंबकीय क्षेत्र के इन-सीटू मापदंडों को मापेंगे.

आदित्य-एल1 को लैग्रेंजियन प्वाइंट 1 (एल1) के चारों ओर एक प्रभामंडल कक्षा में स्थापित किया जाएगा, जो सूर्य की दिशा में पृथ्वी से 1.5 मिलियन किमी दूर है. यह सूर्य के चारों ओर उसी सापेक्ष स्थिति में चक्कर लगाएगा और इस तरह लगातार सूर्य को देख सकता है. दरअसल, आदित्य एल-1 के इस नए कारनामे की खबर ऐसे वक्त में मिली है, जब पूरा देश चांद पर मौजूद प्रज्ञान को जगने का इंतजार कर रहा है. हालांकि, भले ही चांद से अभी कोई गुड न्यूज नहीं मिली, मगर सूर्य की ओर कदम बढ़ा रहे आदित्य-एल-1 ने देशवासियों को झूमने का एक और मौका दे दिया है.

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