अंगूर की पूरी जानकारी

अंगूर की बेल की जानकारी

अंगूर एक प्रकार का फल है, जो की एक लकड़ी की बेल पर लगता है। इसकी बेल अन्य बेलो के मुकाबले ज्यादा मजबूत होती है। अंगूर को कच्चा और बिना छिले खाया जाता है। इसका इस्तेमाल आमतौर पर जेली, जैम, जूस, शराब, और फलो की सलाद में किया जाता है। अंगूर को अंग्रेजी भाषा में “Grape” कहते है। अंगूर शब्द फ्रांसीसी भाषा से लिया गया है। इसको संस्कृत में द्राक्षा के नाम से जाना जाता है।

यह वानस्पतिक आधार पर Vitaceae परिवार से समबन्ध रखता है, जो की Vitis का जीनस है। अंगूर के द्वारा ही किशमिश को भी तैयार किया जाता है। यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में बहुत फायदेमंद होता है। इसके अंदर मौजूद पोषक तत्व हमारे शरीर को स्वस्थ रखते है, यह एक तरह का सौन्दर्यवर्धक फल भी कहलाता है। इसके अंदर पाए जाने वाले गुणों के कारण इसको माँ के दूध के सामान पोषक तत्व का दर्जा दिया जाता है।

अंगूर कई रंगो में आता है। यह अलग अलग प्रजाति के अनुसार अलग अलग रंगो में उगाया जाता है। लेकिन आमतौर पर सबसे ज्यादा हरा अंगूर देखने को मिलता है। इसके अलावा यह गहरा नीला, पीला, हरा, काला, गुलाबी, लाल, और नारंगी रंग का होता है। हरे रंग के अंगूर शुरूआती दौर में सफ़ेद होते है। यह गुच्छों में आते है, इसके एक गुच्छे में लगभग 20 – 300 अंगूर होते है। सामान्य अंगूर गोल होता है।

इसके अलावा कुछ अंगूर प्रजाति के अनुसार लम्बे भी होते है। अंगूर के एक गुच्छे की लम्बाई लगभग  6 – 12  इंच तक होती है। अंगूर के पत्तो का आकार मनुष्य के हाथ की तरह होता है। जिसका रंग हरा होता है। मार्च से सितम्बर तक इस पौधे का सीजन रहता है। इसके बाद यह फूल फल में बदलने लगते है। इसकी बेल को अगर सही तरीके से बढ़ाया जाता है, तो यह लगभग 10 – 20 फिट तक फेल सकती है।

Grapes Information in Hindi

अंगूर की खेती की जानकरी 

अंगूर की खेती एक बड़े पैमाने पर पुरे संसार के सभी हिस्सों में की जाती है। यह एक सदाबहार पौधा है। अगर आप इसके अंदर सफल होते है, तो यह आपको लम्बे समय तक आमदनी और मुनाफा दोनों देती है। अगर आप एक बार अंगूर के पोधो को अपनी जमीन पर लगा लेते है, तो यह आपकी जमीन पर लगभग 10 से 15 साल तक रहता है।

अगर आपने अच्छे से इसकी देखभाल की तो इससे ज्यादा समय तक आपके पौधे रह सकते है। अंगूर की खेती करने से पहले आपको इसकी पूरी जानकरी लेना बहुत जरुरी होता है। क्योकिं इसके अंदर बहुत जायदा पैसे आपको खर्च करने पड़ते है। इसकी खेती करने के लिए आपको लाइसेंस की जरुरत भी होती है।

क्योकिं अंगूर से वाइन बनाई जाती है। अगर आप अंगूर की खेती करना चाहते है, तो अपने खुद के खेत में करें। क्योकिं अगर आप किराये पर कोई खेत लेकर इसकी खेती करते है, तो इससे आपकी लगत बहुत ज्यादा बाद जाती है। आपको यह खेत लगभग 10 साल या इससे ज्यादा समय के लिए किराये पर लेना पड़ सकता है।

अंगूर की खेती क्या कहलाती है

अंगूर की खेती को सामान्य भाषा में अंगूर की खेती ही कहा जाता है, लेकिन इसकी खेती को साइंटिफिक भाषा में विटीकल्चर “Viticulture” कहा जाता है।

अंगूर की खेती कहाँ होती है

अंगूर की खेती पुरे भारत के लगभग सभी हिस्सों र्नाटक, तमिलनाडु, हरियणा, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मिजोरम, पंजाब, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, और जम्मू-कश्मीर में की जाती है। लेकिन अगर आपका सवाल है, की अंगूर की खेती भारत में सबसे ज्यादा कहाँ पर होती है? अंगूर की खेती भारत में सबसे ज्यादा महाराष्ट्र के नाशिक में होती है, जिसे अंगूर की राजधानी भी कहा जाता है।

अंगूर की खेती कैसे होती है

अंगूर की खेती के लिए आपको सबसे पहले अनुभव लेना बहुत जरुरी होता है। अंगूर की खेती कब होती है? अंगूर की खेती इसकी कटिंग पर निर्भर करती है। इसकी कटिंग एक साल में दो बार होती है। एक बार सितम्बर में और एक बार अप्रैल में आप अप्रैल के महीने में इसके पौधे लगा सकते है। यह कटिंग अलग अलग क्षेत्रों में अलग अलग महीनो में हो सकती है। यह मौसम के अनुसार निर्भर करता है। एक बीघा जमीन में यह लगभग चार सौ पौधे लगते है।

शुरूआती समय में आपको इस खेती में ज्यादा खर्च करना पड़ता है। इसके बाद आपको सिर्फ इसकी दवाइयों पर ही खर्च करना है। इसके लिए आपके यहाँ का मौसम शुष्क और गर्म होना जरुरी होता है। अगर आप इसको ज्यादा ठन्डे तापमान वाले इलाको में लगते है, तो यह ठीक प्रकार से नहीं चल पाता है। अंगूर की खेती में आपको रिस्क बहुत होता है। सबसे ज्यादा खतरा मौसम का होता है। अगर आपके पोधो पर फल लगे है, और मौसम ख़राब होने की वजह से अगर ओले पड़ जाते है, तो इससे फसल को बहुत नुक्सान होता है।

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अंगूर खाने के फायदे और नुक्सान

अंगूर गर्मायों के मौसम में आता है। यह एक छोटा और रसीला फल होता है। यह प्रत्येक व्यक्ति को पसंद होता है। इसके खाने से शरीर में ऊर्जा उत्पन्न होती है। सबसे अच्छी बात यह है, की आपको इस फल को खाने के लिए इसका छिलका उतारना नहीं पड़ता है। यह आप बिना छीले ही खा सकते है। अंगूर से ही किशमिश तैयार की जाती है। इसके अंदर पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते है। जिसमे विटामिन सी, ई, फाइबर, और कैलोरी सहित कई तत्व शामिल है। हम जानते है, अंगूर खाने के फायदे और नुक्सान के बारे में –

अंगूर के अंदर मौजूद स्वेराट्रॉल हमारे शरीर की त्वचा के लिए बहुत अहम् होता है। इसके अलावा इसके अंदर पॉलीफेनोल सनबर्न भी पाया जाता है, जो की सनबर्न से हमारी त्वचा को बचता है, जब हम घर से बहार धुप में निकलते है, तो यह हमें अल्ट्रावॉयलेट किरणों से बचाता है। अगर आप अपनी त्वचा को स्वस्थ रखना चाहते है, तो अंगूर का सेवन करना शुरू कर सकते है।

यह छोटा सा फल हमारे बालों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। अगर हम इसका सेवन करते है, तो इससे हमारे बालों को कई पोस्टिक तत्व मिलते है। इसके अंदर प्रोएंथोस्यानिडींस पाया जाता है, जो की हमारे बालो को काला और घना बनाने में सहायक होता है। इसके अलावा इसके छिलके में पॉलीफेनोल भी पाया जाता है। यह भी हमारी सेहत के लिए फायदेमंद होता है।

अंगूर खाने से हमारे शरीर की रक्त धमनिया सामान्य रहती है। जिसकी वजह से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या में निदान मिलता है। आप एक सफ्ताह में तीन से चार दिन अंगूर का सेवन कर सकते है। इससे ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है।

अंगूर के सेवन से हृदय सम्बन्धी बिमारियों में भी फायदा मिलता है।

इसके अंदर मौजूद आयरन हमारे शरीर में कई बिमारियों को होने से बचता है। अगर डायबटीज के व्यत्कि को अंगूर का सेवन कराया जाता है, तो इससे शुगर का स्तर सामान्य रहता है।

अंगूर वजन बढ़ाने में बहुत फायदेमंद होता है। इसके सेवन से पेट सम्बन्धी बीमारी नहीं होती है। आप अंगूर का जूस भी पी सकते है। अंगूर का जूस पीने के फायदे? कई होते है। आप सफ्ताह में एक या दो बार अंगूर का जूस पी सकते है।

अंगूर खाने के नुक्सान

वैसे तो किसी भी फल के नुक्सान नहीं होते है। लेकिन अगर हम किसी भी चीज को ज्यादा खाते है, तो यह नुक्सान दायक हो सकती है। इसी तरह से अंगूर के फायदे और नुकसान दोनों होते है। अगर आप एक सही मात्रा में खाते है, तो आपको इसके फायदे मिलते है। लेकिन आप अंगूर को ज्यादा मात्रा में खाते है, तो इसके नुसकान भी हो सकते है।

आपको अगर पहले से कोई समस्या है, तो आपको अंगूर खाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। छोटे बच्चो को अंगूर खाने के लिए नहीं देने चाहिए। अगर आप ज्यादा अंगूर का सेवन करते है, तो इससे आपके शरीर पर एलर्जी की समस्या हो सकती है।

इस लेख में यह सभी अंगूर खाने के फायदे सिर्फ जानकारी के लिए बताएं गये है। आपको अंगूर के नुसकान बताकर हमारा उद्देश्य आपको डरना नहीं है, बल्कि आपको जागरूक करना है। यह इसलिए बताया गया है, की कभी भी स्वाद स्वाद के चक्कर में इनका ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए। अंगूर खाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले।

अंगूर की तासीर कैसी होती है 

अंगूर गर्मियों में आने वाला फल है, इसकी तासीर ठंडी होती है, इसलिए इसको गर्मियों के दिनों में ज्यादा खाया जाता है। इसे खाने से हमारे शरीर में ठंडक आती है। अगर गर्मियों के दिनों में पेट में गर्मी हो जाए तो आप अंगूर का सेवन कर सकते है।

अंगूर किस समय खाना चाहिए

आपको अंगूर का सेवन हमेशा सुबह के समय करना चाहिए। अगर आप इसका सेवन सुबह के समय करते है, तो इसके अंदर मौजूद पानी की अधिक मात्रा आपको डिहाइड्रेटेड होने से बचती है। इसके साथ ही इसके अंदर मौजूद शुगर आपको ऊर्जा प्रदान करती है। और आपका पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है।

अंगूर कैसे खाए जाते हैं, अंगूर खाने का सही तरीका

  1. अंगूर को आप गर्मियों के दिनों में खाते है, तो इन्हे पहले एक रात के लिए फ्रीज़ में रख दे। इससे यह और भी ज्यादा ठन्डे हो जाते है। और आपको शीतलता प्रदान करते है। अगर आपके घर में फ्रीज़ नहीं है, तो आप इसको बहार भी रख सकते है, क्योकिं रात को तापमान कम होने की वजह से हलकी ठण्ड होती है।

  2. अंगूर को मिक्सर में मिलकर इसका जूस निकलर भी पी सकते है, यह भी बहुत फायदेमंद होता है।

  3. इसके अलावा आप इसके अंदर चाट मसाला डालकर इसको फ्रूट चाट बनाकर भी खा सकते है।

  4. केक बनाते समय आप इसके अंदर अंगूर डाल सकते है, इससे केक में एक अलग स्वाद आता है।

  5. आप अंगूर की आइस क्रीम बनाकर भी खा सकते है, इसका स्वाद भी बहुत लाजबाब होता है।

अंगूर के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

किस रंग का अंगूर स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है?

स्वास्थ्य के लिए काले रंग के अंगूर को सबसे बेहतर माना गया है। इसमें कई ऐसे रसायन और पोषक तत्व पाए जाते है, जो शरीर की त्वचा और बालों को स्वस्थ बनाते है। हालाकिं हरे, और लाल अंगूर भी अच्छे होते है, लेकिन इनमे काले अंगूर की तुलना मई कम एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते है।

क्या अंगूर त्वचा के लाभदायक हैं?

अंगूर के अंदर विटामिन सी और एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते है, जो की शरीर की त्वचा को स्वस्थ रखने में बहुत लाभदायक होते है। इसके अलावा यह शरीर की त्वचा को पराबैंगनी कणों से भी बचते है, जिससे की झुर्रियां और काले धब्बे नहीं होते है।

अंगूर खाने के नुक्सान क्या हैं?

कुछ लोगो को अनुर खाने से एलर्जी या पेट ख़राब होने जैसी समस्याएं होती है। अगर इसका सेवन एक नियमित मात्रा से अधिक किया जाता है, तो यह अपच, उलटी, गला ख़राब होने जैसी परेशानियां भी कर सकता है।

क्या अंगूर उगाना आसान है?

अंगूर को उगाना बहुत आसान है, अगर आपके पास इससे सम्बंधित सब्जी जानकारी और सुविधाएँ मौजूद है। अंगूर को उगाने के लिए एक तार का सेट-अप होना बहुत जरुरी होता है। जिसके ऊपर अंगूर की बेल फैलती है।

क्या अंगूर को घर के अंदर उगाया जा सकता है?

अंगूर को घर के अंदर भी बहुत आसानी से उगाया जा सकता है। इसके लिए आपको एक सही किस्म को चुनना बहुत जरुरी होता है। इसके बाद आप एक बड़े कंटेनर में अंगूर की बेल को घर के अंदर दक्षिण दिशा की खिड़की की तरफ रखे। इसको हलकी धुप भी लगेगी, और इसके ऊपर फल भी आएगी।

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